वायु प्रदूषण से भारत में 2021 में 21 लाख मौतें, अध्ययन का खुलासा

वायु प्रदूषण के कारण 2021 में भारत में 21 लाख मौतें: अध्ययन

भारत में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या के रूप में उभर कर सामने आया है। 2021 में, वायु प्रदूषण के कारण देश में 21 लाख लोगों की मौत हुई, जो कि कुल मौतों का एक बड़ा हिस्सा है। यह आंकड़े एक ताजा अध्ययन से प्राप्त हुए हैं, जिसमें वायु गुणवत्ता और उसके स्वास्थ्य पर प्रभाव की विस्तृत जांच की गई है।

इस अध्ययन में पाया गया है कि वायु प्रदूषण से हृदय रोग, श्वसन तंत्र के रोग, और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। प्रमुख शहरों में बढ़ते औद्योगिकीकरण और वाहनों की संख्या में वृद्धि से वायु प्रदूषण के स्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, और चेन्नई जैसे शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अक्सर खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वायु प्रदूषण एक ‘मौन हत्यारा’ है, जो धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। अध्ययन में दिखाया गया है कि छोटे कण पदार्थ (PM2.5) और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) जैसी हानिकारक गैसें सांस के जरिए हमारे शरीर में प्रवेश कर विभिन्न रोगों का कारण बनती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं, उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषक और निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल है। इसके अलावा, घरेलू ईंधन जैसे लकड़ी, कोयला और कचरे का जलना भी ग्रामीण क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण है।

इस गंभीर समस्या का समाधान निकालना अति आवश्यक है। सरकार ने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं, जैसे कि भारत सरकार का राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) जो 2024 तक वायु प्रदूषण को 20-30% तक कम करने का लक्ष्य रखता है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, सार्वजनिक परिवहन में सुधार और उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण के उपाय भी शामिल हैं।

हालांकि, इस समस्या के समाधान के लिए नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। व्यक्तिगत स्तर पर भी लोग प्रदूषण कम करने के लिए कदम उठा सकते हैं, जैसे कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना, साइकिल चलाना, और पेड़ लगाना।

वायु प्रदूषण के प्रभावों से बचाव के लिए भी उपाय किए जा सकते हैं। जैसे कि घर में वायु शुद्धिकरण प्रणाली का उपयोग, बाहर जाते समय मास्क पहनना, और प्रदूषण के स्तर की जानकारी प्राप्त करना।

इस अध्ययन ने स्पष्ट कर दिया है कि वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों की संख्या बहुत अधिक है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। सरकार, उद्योग और नागरिकों को मिलकर इस समस्या का समाधान निकालने के लिए प्रयास करना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की मौतों को रोका जा सके।

वायु प्रदूषण एक ऐसी समस्या है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। इसके समाधान के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है, ताकि हम अपने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित कर सकें।